जहाँ सजा सौ रंगों से
मेरी सोंच भिन्न है तुझसे
इसको लेकर लड़ना क्या ?
पहले मैं पहुँचूँगा तुमसे
इसको लेकर चिंता क्या
रक्त बहा कर अपनों का
बेहतर खुद को कहना क्या
ख़ौफ़ दिखा कर लोगों का
हावी होना अच्छा क्या ?
आप हितों को पूरा करना
नाम धर्म का लेना क्या ?
नफरत से नफरत में जीना
प्यार नाम पर रोना क्या ?
कुछ अलग कुछ ऐसा वैसा
जहाँ सजा सौ रंगों से
इससे ही सुंदरता इसकी
उजड़ेपन से तुलना क्या ?
रुचि शुक्ला
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